शुक्रवार, 29 जुलाई 2022

सौरव गांगुली की जीवनी और अनमोल विचार Sourav Ganguly Biography & Quotes

        आज हम उस खिलाडी की बात करने जा रहा हु जो १९९१ के टीम इंडिया में पहेली बार आया है उसके बाद ४ साल उसे बाहर रहना पड़ा १९९६ में उसे फिर से मौका मिल गया तो ओ खेलने लगा तो इतना कमाल का खेला तो उसके बाद उसने वापस पलट के नहीं देखा टीम इंडिया में कॅप्टन की दिक्खत आ गयी जो बड़ा मैच फिक्सिंग चल गई तो नए कॅप्टन की तलाश थी और इस खिलाडी को चुना गया इसने टीम इंडिया को वर्ड कप के फाइनल तक पोहचाकर दिया सब अच्छा चल रहा था अचानक उस खिलाडी को बाहर कर दिया इतना महान खिलाडी जिसे रणजी खेलनी पड़ी नए लडकों के साथ क्रकेट  खेलना पड़ा शान से वापसी की टीम इंडिया में और शान से विदाई ली आज ओ भारतीय क्रिकेट का प्रेसिडेंट है मै बात कर राहु भारतीय क्रिकेट के पूर्व कॅप्टन बंगाल के टाइगर दादा सौरव गांगुली की 

        सौरव गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को कोलकाता (वेस्ट बंगाल) भारत में हुआ था. इनके पिता का नाम श्री चंडीदास और माताजी का नाम निरूपा गांगुली हैं. Sourav Ganguly के पिता एक बिजनेसमैन थे. सौरव का जन्म बंगाल के शाही family में हुआ था. पहले और आज भी बंगाल में खेलों से लोग बहुत प्यार करतें हैं . बंगाल में आज भी फुटबाल और क्रिकेट का ज्यादा क्रेज हैं क्योकि बंगाल में फुटबाल खेल का इतिहास पुराना हैं और रोचक बात तो यह है की सौरव भी पहले फुटबाल की ओर ही गये थे.

        कई क्षेत्रीय टूर्नामेंटों (जैसे रणजी ट्राफी, दलीप ट्राफी आदि) में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद गांगुली को राष्ट्रीय टीम में इंग्लैंड के खिलाफ खेलने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने पहले टेस्ट में १३१ रन बनाकर टीम में अपनी जगह बना कर ली. लगातार श्री लंका, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने और कई मैन ऑफ द मैच ख़िताब जीतने के बाद के बाद टीम में उनकी जगह सुनिश्चित हो गयी। १९९९ क्रिकेट विश्व कप में उन्होंने राहुल द्रविड़ के साथ ३१८ रन के साझेदारी की जो की आज भी विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक है |

        सन २००० में टीम के अन्य सदस्यों के मैच फिक्सिंग के कांड के कारण और के खराब स्वास्थ्य तात्कालिक कप्तान सचिन तेंदुलकर ने कप्तानी त्याग दी, जिसके फलस्वरूप गांगुली को कप्तान बनाया गया. जल्द ही गांगुली को काउंटी क्रिकेट में durham की ओर से खराब प्रदर्शन और २००२ में नेटवेस्ट फायनल में शर्ट उतारने के कारण मीडिया में आलोचना का सामना करना पड़ा | सौरव ने २००३ विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारत विश्व कप फायनल में ऑस्ट्रेलिया से हरा. उसी वर्ष बाद में खराब प्रदर्शन के कारण सौरव गांगुली को टीम से निकला गया. सन २००४ में इन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया जो की भारत के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों में से है। २००६ में सौरव गांगुली की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसी समय वे भारत के कोच ग्रेग चैपल के साथ विवादों में आये. गांगुली पुनः टीम से निकाले गए लेकिन २००७ क्रिकेट विश्व कप में खेलने के लिए चयनित हुए |

        गांगुली के क्रिकेट कैरियर का सबसे शानदार समय था वर्ष 1999, वर्ष 2000 और वर्ष 2004, 1999 सौरव गांगुली ने न्यूजीलैंड के विरुद्ध खेले गए पांच वन डे मैचों की श्रृंखला और पेप्सी कप दोनों में ‘मैन ऑफ़ दी सीरीज’ का ख़िताब जीता था। वर्ष 2000 का वह वक्त आया जब भारतीय टीम पर मैच फिक्सिंग का साया मंडराने लगा था, उस समय सचिन कप्तानी छोड़ दिए और गांगुली को इंडिया टीम का कप्तान बनाया गया और वर्ष 2004 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंचने में गांगुली का काफी योग्यदान रहा था।

सौरव गांगुली के अवार्ड 

स्पोर्ट्सस्टार मैगज़ीन ने स्पोर्टस्टार पर्सन ऑफ़ द ईयर 1998 का ​​नाम दिया

क्रिकेट में जबरदस्त प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार 1998

CEAT क्रिकेटर 1999-2000: 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक ट्रॉफी

पद्म श्री 2004, भारत में चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार award

एक कप्तान के रूप में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए राममोहन पुरस्कार साल 2004 में मिला



                                               सौरव गांगुली के अनमोल विचार 

1.एक कप्तान आपको अपने आप को देखने के तरीके से अलग देखता है। आपको एक कप्तान की जरूरत है जो आपको आगे बढ़ा सके। 

2.मेरी कप्तानी का model दो विशिष्ट स्तंभों की विशेषता थी। प्रतिभा की उचित पहचान और फिर युवाओं को निडर क्रिकेट खेलना सुनिश्चित करना

3.किताबें या टीम की बैठकें आपको अच्छा कप्तान नहीं बनाती हैं

4.एक दिवसीय क्रिकेट को टेस्ट क्रिकेट के समान महत्व के साथ लिया जाना चाहिए।

5.मैं रैंकिंग में विश्वास नहीं करता। कभी-कभी रैंकिंग मुझे चौंका देती है। मुझे नहीं लगता कि रैंकिंग के आधार पर किसी टीम का न्याय करना उचित है।

6.एक टीम के लिए एक अच्छा शुरुआत हमेशा महत्वपूर्ण होता है

7.जिस पल एक स्पिनर गेंद को घुमाता है वह खतरनाक हो जाता है

8.ट्वेंटी 20 क्रिकेट के लिए बहुत जरूरी है। T20 के बिना, क्रिकेट जीवित नहीं रह सकता

9.किसी भी कप्तान को settle होने में थोड़ा समय लगता है. कोई भी एक उत्कृष्ट नेता नहीं होता है

10.मेरी कप्तानी का मॉडल दो विशिष्ट स्तंभों की विशेषता थी. प्रतिभा की उचित पहचान और फिर युवाओं को निडर क्रिकेट खेलना सुनिश्चित करना

11.किताबें या टीम की बैठकें आपको अच्छा कप्तान नहीं बनाती हैं

12.संन्यास कभी भी आसान नहीं होती है, क्योंकि आप जिस चीज से सबसे ज्यादा प्यार करते हैं, वह चीज जिसे आप अपने जीवन के सबसे अच्छा हिस्सा मानते हैं, उसको छोड़ देना सरल नहीं है.

13.जब आप सफल होते हैं तो लगातार प्रदर्शन करने का दबाव होता है, जब आप नहीं होते हैं तो वापस आने और अच्छा करने का दबाव होता है.

14 जितना आप असफलता को संभालना सीखते हैं आपको सफलता को संभालना भी सीखना चाहिए, क्योंकि यह भी महत्वपूर्ण है

15.वे कहते हैं कि उम्र के साथ आपकी सजगता धीमी हो जाती है. सच कहूं तो मैंने इसे कभी महसूस नहीं किया है

16.मैंने महसूस किया है कि मेरी ताकत क्या है और मेरी ताकत क्या नहीं है और मैं उसी के अनुसार खेला.

17.हम सभी इंसान हैं. हम ऐसी मशीन नहीं हैं, जो आपके द्वारा डाली गई हर चीज में सही हों

18.जीवन में अवश्य है – आप जो भी नौकरी करते हैं, चाहे आप कहीं भी हों, आपकी जो भी उम्र है, आपको कितना अनुभव है, आपको शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करते रहना होगा अन्यथा कोई और आपकी जगह ले लेगा.”

 कृपया इन Motivational Quotes in Hindi को आप बहुत ध्यान से पढ़िए और सफलता की ओर एक और कदम बढ़ा दीजिये - हमें आशा है कि आपको यह article बहुत  पसंद आया होगा सौरव गांगुली की  जीवनी और अनमोल विचार कैसा लगा कमेंट में जरुर बताये और इस शेयर भी जरुर करे.

    इस जानकारी में त्रुटी हो सकती है। यदि आपको सौरव गांगुली की जीवनी और अनमोल विचार  में कोई त्रुटी दिखे या फिर कोई सुझाव हो तो हमें जरूर बताएं।

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