गुरुवार, 2 जून 2022

थ़ॉमस ऍडिसन के अनमोल विचार Thomas Edison Great Quotes

 किसी भी कामयाबी में 1% एक प्रतिशत प्रेरणा और 99% प्रतिशत पसीना होता है।

    थ़ॉमस ऍडिसन (११ फ़रवरी १८४७ - १८ अक्टूबर १९३१) अमरीकी आविष्कारक एवं वीध्वांत व्यक्ति थे।फोनोग्राफ एवं विद्युत बल्ब सहित अनेकों युक्तियाँ विकसित कीं जिनसे संसार भर में लोगों के जीवन में भारी बदलाव आये। "मेन्लो पार्क के जादूगर" के नाम से प्रख्यात, भारी मात्रा में उत्पादन के सिद्धान्त एवं विशाल टीम को लगाकर अन्वेषण-कार्य को आजमाने वाले वे पहले अनुसंधानकर्ता थे। इसलिये एडिसन को ही प्रथम औद्योगिक प्रयोगशाला स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है। अमेरिका में अकेले १०९३ पेटेन्ट कराने वाले एडिसन विश्व के सबसे महान आविष्कारकों में गिने जाते हैं।

थ़ॉमस ऍडिसन के अनमोल विचार Thomas Edison Great Quotes 

1. हम लोगों की सबसे बड़ी कमजोरी हार मान लेना है, कामयाब होने का सबसे निश्चित तरीका है, हमेशा एक और बार प्रयास करना।

 2. हम इलेक्ट्रिसिटी (बिजली) को इतना सस्ता बना देंगे कि सिर्फ अमीर लोग ही मोमबत्तियां जलाएंगे।

3. प्रकृति वास्तव में बहुत अदभुद है और केवल इंसान वास्तव में बेईमान है। 

4. आपकी कीमत इसमें है कि आप क्या है, बल्कि इसमें बिल्कुल नही है कि आपके पास क्या है और कितना है। 

5. में कामयाब नही हुआ हूं, मैंने बस दस हजार ऐसे तरीके खोज लिए है जो काम नही करते है। 

6. साहसी बनो, क्योंकि मैंने व्यापार में मंदी के कई दौर देखे है, हमेशा अमरीका इनसे और अधिक शक्तिशाली और समृद्ध होकर निकला है, अपने पूर्वजों की तरह बहादुर बनो, विश्वास रखो और आगे बढ़ो।

7. में जानता हूं ये दुनिया अनंत बुद्धि द्वारा शाशित होती है हमारे आस-पास जो कुछ भी है, जिस किसी चीज का भी अस्तित्व है, वह साबित करता है की उसके पीछे असंख्य नियम है, इस तथ्य से इनकार नही किया जा सकता, ये आपकी सटीकता में गणितीय है।

8. जीवन में नाकामयाब हुए कई व्यक्ति ऐसे होते है, जिन्हें इस बात का पता नही होता कि जब उन्होंने हार मान ली थी तब वो कामयाबी के कितने करीब थे। 

9. ऐसी वस्तु जो बिक नही सकती है, में उसका आविष्कार नही करना चाहूंगा, उसका बिकना उपयोगिता का प्रणाम है और उपयोगिता ही कामयाबी होती है। 

10. किसी भी कामयाबी में 1% एक प्रतिशत प्रेरणा और 99% प्रतिशत पसीना होता है। 

11. .उत्तम विचार हमारी मांसपेशियों में उत्पन्न होते है।

 12. में पहले ये पता कर लेता हूं कि इस संसार को क्या चाहिए फिर में आगे बढ़ता हूं और उसका अविष्कार करने का प्रयास करता हूं।